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सिंघु बॉर्डर पर स्थानीय लोग और किसान प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

दिल्ली-हरियाणा के बीच स्थित सिंघु बॉर्डर पर एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों और किसान प्रदर्शनकारियों में शुक्रवार को भिड़ंत हो गई। दोनों ओर के लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव किया। दिल्ली पुलिस सिंघु सीमा पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आँसू गैस के गोले दाग रही है, जिसके बदले में प्रदर्शनकारियों द्वारा उन पर और स्थानीय लोगों पर तलवार और पत्थरों से हमला किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, स्थानीय होने का दावा करने वाले करीब 150 से ज्यादा लोग शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर के धरनास्थल के करीब पहुंचकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। कथित स्थानीय प्रदर्शनकारी किसानों से जल्द सिंघु बॉर्डर को खाली कराने की मांग की। साथ ही ये लोग ‘तिरंगे के अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लगा रहे थे, जिसके बाद दोनों गुटों में संघर्ष और पत्थरबाजी शुरू हो गई।

हालात तनावपूर्ण देखते हुए मौके पर पहुंच स्थानीय पुलिस ने दोनों गुटों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के मना करने पर भी दोनों गुट के लोग नहीं माने और पथराव शुरू हो गया। इसके बाद पुलिस पुलिस को आंसू गैस छोड़ने पड़े, बल प्रयोग करना पड़ा और इन्हें जबरन खदेड़ना पड़ा। इस अफरातफरी के बीच प्रदर्शनकारी की तलवार से अलीपुर के SHO प्रदीप पालीवाल घायल हो गए। हमले में अलीपुर थाने के एसएचओ सहित पांच पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।

बताया जा रहा है कि पिछले 2 महीने से भी अधिक समय से किसानों के प्रदर्शन के चलते आसपास के ग्रामीणों में काफी रोष है। सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को वहां से हटाने के लिए बवाना और नरेला से कथित तौर पर स्थानीय लोग पहुंचे थे।

ख़ैर हंगामे को देखते हुए सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई थे। धरनास्थल को चारों तरफ से ब्लॉक कर पक्के बैरिकेड्स लगाए गए थे। उधर, टीकरी बॉर्डर पर भी भारी फोर्स तैनात हैं क्योंकि, ये दोनों बॉर्डर ही किसान आंदोलन के अहम पॉइंट हैं।

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