Home राष्ट्रीय पतंजलि, पेप्सी सहित कंपनियों पर करोड़ों का जुर्माना, दिया 15 दिन का...

पतंजलि, पेप्सी सहित कंपनियों पर करोड़ों का जुर्माना, दिया 15 दिन का समय

Patanjali, Pepsi Coke, Bisleri
Image Courtesy: News India

प्लास्टिक कचरे के डिस्पोज़ल और कलेक्शन की जानकारी सरकारी बॉडी को नहीं देने के मामले में सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने एक ठोस कदम उठाया है। CPCB ने कोक, पेप्सी और बिसलेरी जैसी पेयजल कंपनियों पर करीब 72 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। इसके अलावा सीपीसीबी ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2018 का पालन नहीं करने के लिए बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि पर भी एक करोड़ का भारी जुर्माना लगाया है और साथ ही कंपनी को जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया है।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बिसलेरी पर 10.75 करोड़, पेप्सिको इंडिया पर 8.7 करोड़ और कोका कोला बेवरेजेस पर 50.66 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जनवरी से सितंबर 2020 के दौरान बिसलेरी का प्लास्टिक का कचरा 21500 टन रहा है। वहीं, पेप्सी की बात करें 11194 टन प्लास्टिक कचरा था जिस पर 5 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से जुर्माना लगा है। कोका कोला के पास 4417 टन प्लास्टिक कचरा था जिस पर भी करीब 5 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है। इन कंपनियों को 15 दिन के भीतर जुर्माने की राशि भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

कोका कोला बेवरेजेस ने CPCB से नोटिस मिलने की पुष्टि की है। कंपनी ने प्रवक्ता ने कहा कि “सीपीसीबी के आदेश की समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित अथॉरिटी के साथ इसे सुलझाने की कोशिश करेंगे।” वहीं पेप्सिको ने कहा कि “हम प्लास्टिक कचरे के मामले में EPR के तहत पूरी प्रक्रिया का पालन करते हैं। इसके अलावा जो नोटिस मिला है उस पर विचार विमर्श करके जल्द से जल्द उसे सुलझाया जाएगा।”

बता दें कि प्लास्टिक कचरों के मामलों में एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी (EPR) एक पॉलिसी पैमाना है, जिसके आधार पर प्लास्टिक का निर्माण करने वाली कंपनियों को प्रोडक्ट के डिस्पोज़ल की जिम्मेदारी लेनी होती है।

ये भी पढ़ें- बच्ची के लिए पीएम मोदी ने उठाया सराहनीय कदम, करोड़ों का टैक्स किया माफ

Exit mobile version