किसान आंदोलन: किसानों ने रद्द किया बजट के दिन होने वाला संसद मार्च

ट्रैक्टर रैली के बाद 1 फरवरी को होने वाले संसद पैदल मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा ने रद्द करने का एलान किया है। उसी दिन संसद में बजट पेश किया जाना है। किसान संगठनों का यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैक्टर परेड के दौरान भारी हिंसा बाद लिया है।

बता दे ट्रैक्टर रैली से एक दिन पहले किसान नेताओ ने ऐलान किया था कि बजट पेश किए जाने के दिन एक फरवरी को विभिन्न स्थानों से संसद की ओर कूच करेंगे। ट्रैक्टर परेड के बाद ये उनका अगला कार्यक्रम होगा क्योंकि सरकार हमारी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है।
लेकीन ट्रैक्टर परेड हिंसा का रूप ले ली थी। इस हिंसा में 109 पुलिसवालों के घायल होने और एक किसान के मौत की खबर थी।
किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान मचे बवाल और हिंसा के बाद बुधवार को संयुक्‍त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बड़ा एलान किया कि 30 जनवरी को देश भर में आम सभाएं व भूख हड़ताल आयोजित की जाएंगी, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। ट्रैक्टर रैली सरकारी साजिश से प्रभावित हुयी। एक फरवरी को बजट पेश किए जाने के दिन संसद मार्च की योजना रद्द कर दी गयी है।

किसान नेताओं ने हालांकि आरोप लगाया है कि मंगलवार की घटनाओं के पीछे एक साजिश थी और उन्होंने इस संबंध में जांच कराए जाने की मांग की। किसान मजदूर संघर्ष समिति के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा, हमारा कार्यक्रम दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर था वहां पर जाकर हम लोग वापस आ गए। हमारा न तो लाल किले का कार्यक्रम था, न ही झंडा फहराने का था। जिन लोगों ने ये काम किया हम उनकी निंदा करते हैं। जिसने भी ये काम किया वो दोषी है। कृषि कानूनों के खिलाफ उनका आंदोलन चलता रहेगा।

मालूम हो कि पंजाब के किसान तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने को लेकर नवंबर माह से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान और सरकार के बीच अब तक 11 दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल पाया। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वो वापस नहीं जाएंगे।

 

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