Home मानव हित गर्मियों में फैमिली के साथ घूमने के लिए ये 10 शानदार जगह

गर्मियों में फैमिली के साथ घूमने के लिए ये 10 शानदार जगह

घूमने के लिए जगह
Image Courtesy: Hello Travel

भारत इस मामले में खुशनसीब है कि यहां पहाड़, जंगल से लेकर समुन्द्र जैसी कई जगह घूमने के लिए हैं। यहां हर मौसम में घूमने की जगहें बदल जाती हैं। खैर गर्मियों के मौसम शुरू होते ही हर कोई सूरज की चिलचिलाती धूप से परेशान होने लगता है और एक ठंडी जगह पर ब्रेक लेने की सोचता है। अगर आप भी कहीं घूमने जाना चाहते हैं तो लिस्ट पर एक नज़र ज़रूर डालें। इन ठंडी-ठंडी जगहों पर कम खर्चे में घूम सकते हैं।

शिमला
शिमला को पहाड़ों की रानी कहा जाता है। भारत में शिमला सबसे ज्‍यादा अफोर्डेबल टूरिस्‍ट स्‍पॉट है। यहां पर आप पहाड़ों की खूबसूरत घटाओं के साथ-साथ बर्फ का मज़ा भी ले सकते हैं। यहां पर आप 6-7 हजार खर्च करके आसानी से खूब मस्ती कर सकते हैं। आप क्राइस्ट चर्च, जाखू हिल, जाखू मंदिर, राष्ट्रपति निवास, काली बारी मंदिर, मॉल रोड, द रिज, टाउन हॉल, गैटी थियेटर, बैंटोनी कैसल, द ग्लेन, गॉर्टन कैसल, अन्नडेल जैसी जगह पर जा सकते हैं। शिमला सड़क माध्यम से चंडीगढ़ 117 किलोमीटर की दूरी पर, मनाली 260 किलोमीटर और दिल्ली 343 किलोमीटर जैसे शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। कालका शिमला का निकटतम रेलवे स्टेशन है। जुब्बड़हट्टी शिमला से लगभग 23 किलोमीटर दूर है जो इसका सबसे निकटतम हवाई अड्डा है।

कोडाईकनाल
कोडाइकनाल पश्चिमी घाट में पलानी पहाड़ियों में स्थित एक सुंदर और खूबसूरत हिल स्टेशन है। तमिलनाडु के डिंडागुल जिले में स्थित यह शहर समुद्र तल से 2133 मीटर की ऊंचाई पर एक पठार के ऊपर है। कोडाइकनाल में घूमने लायक जगह बेरिजम झील, ब्रायंट पार्क, बोट क्लब, कोडईकनाल झील, कोकर्स वॉक, कुरिन्जी अंदावर मंदिर, बीयर शोला फॉल, टेलिस्कोप हाउस है। आप लगभग 3000-4000 रूपये में इस सुंदर जगह की यात्रा कर सकते हैं। कोडाइकनाल पहुंचने के लिए 120 किलोमीटर की दूरी पर मदुरै एयरपोर्ट है। कोडई रोड़ रेलवे स्टेशन नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो 80 किलोमीटर दूर स्थित है। कोडाइकनाल के लिए मदुरै, पलानी, त्रिची, बैंगलोर, कोयंबटूर आदि बड़े शहरों से नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

महाबलेश्वर
वेस्टर्न घाट में स्थित यह हिल स्टेशन अपनी हरियाली, पहाड़, नैचुरल ब्यूटी और स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए मशहूर है।महाबलेश्वर जाकर स्ट्रॉबेरी तोड़ते हुए फोटो नहीं खिंचवाई तो आपका महाबलेश्वर जाना बेकार है। यहां बड़ी संख्या में छुट्टियां बिताने के लिए टूरिस्ट घूमने आते हैं। पुणे का एयरपोर्ट महाबलेश्वर का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है जो यहां से 131 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से बाहर निकलकर आप बस या टैक्सी लेकर सड़क मार्ग के ज़रिए महाबलेश्वर पहुंच सकते हैं। महाबलेश्वर से वाथर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो यहां से 60 किलोमीटर दूर है। वाथर रेलवे स्टेशन तक आने के बाद फिर यहां से बस या टैक्सी के ज़रिए महाबलेश्वर पहुंच सकते हैं।

माउंट आबू
मानसून के सीज़न में आप राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू जाने का प्लान कर सकते हैं। यह हिल स्टेशन राजस्थान के सिरोही जिले में है, जिसकी सैर करने दुनियाभर से पर्यटक आते हैं। बारिश के मौसम में यहां की प्राकृतिक खूबसूरती के नजारे पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। माउंट आबू के बीच में बनी नक्की झील चारों तरफ से अरावली पहाड़ियों से घिरी हुई है। इस खूबसूरत जगह का नजारा देखते बनता है। नक्की झील के पास में ही टोड रॉक है। इस पहाड़ का आकार मेंढक की तरह दिखता है इसलिए इसका नाम टोड रॉक है। इसके अलावा आप देलवाड़ा जैन मंदिर भी घूम सकते हैं। माउंट आबू पहुंचने के लिए उदयपुर एयरपोर्ट सबसे पास है। यहां से माउंट आबू तक की टैक्सी कर सकते हैं। माउंट आबू से सबसे करीबी स्टेशन आबू रोड रेलवे स्टेशन है। आपको यहां से बस या टैक्सी मिल जाएगी। सड़क मार्ग के लिए आपको जयपुर, उदयपुर, दिल्ली और जैसलमेर से आसानी से सीधी बसें मिल जाएंगी।

यरकौड

यरकौड तमिलनाडु के सलेम जिले में एक खूबसूरत भारतीय हिल स्टेशन है। यह 1515 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है तथा यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और खुशनुमा मौसम बहुत से पर्यटकों को आकर्षित करता है। घूमने के लिए यहां यरकौड झील, शेवाराय मंदिर, लेडीज सीट, किलियुर जलप्रपात, बोटेनिकल गार्डन, राज राजेश्वरी मंदिर, सेलम, नमक्कल, अरंगलूर जैसी खूबसूरत जगह हैं। यरकौड पहुंचने के लिए सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा तिरुचिरापल्ली है। रेल मार्ग से भी यहां आया जा सकता है यहां से 31 किलोमीटर दूर सलेम जंक्शन है। सलेम से बस और टैक्सी के ज़रिए यहां पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा चैन्नई, त्रिची, मदुरै, बैंगलोर और कोयंबटूर भी सड़क मार्ग से यरकौड से जुड़ा हुआ है।

मसूरी
खूबसूरत पहाड़, हरी-भरी वादियां, कल-कल करता नदियों का पानी मसूरी को पहाड़ों की रानी बनाता है। मसूरी ऐसी जगह है जो हमेशा अपने चारों ओर हरियाली की चादर ओढे रहती है। भारत से ही नहीं बल्कि विश्व के कोने से पर्यटक मसूरी घूमने के लिए आते हैं। मसूरी में घूमने के लिए गनहिल, कैंप्टी फॉल, क्लाउड ऐंड, लाल टिब्बा, ज्वाला मंदिर, मसूरी झील, नाग टिब्बा, धनोल्टी, झड़ीपानी झील, कैमल बेक रोड, वन चेतना केंद्र, म्यूनिसिपल गार्डन, भट्टा फॉल, सर जॉर्ज एवरेस्ट हाउस, लंढोर बाजार, तिब्बती मंदिर इत्यादि जगह हैं। मसूरी जाने के लिए सबसे पहले आपको देहरादून पहुंचना होता है। देहरादून से मसूरी की दूरी मात्र 35 किलोमीटर है। मसूरी से सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन, नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून एयर पोर्ट और देहरादून बस स्टैंड हैं।

अंडमान निकोबार
थाईलैंड जैसा मज़ा भारत में ही लेना चाहते हैं तो आप अंडमान और निकोबार घूमने जा सकते हैं। यह उत्तर में अंडमान द्वीप समूह और दक्षिण में निकोबार द्वीप समूह में स्थित है। ये जगह अपने प्राकृतिक सौंदर्य और समुद्र तटों के लिए पर्यटकों के बीच मशहूर है। अंडमान ट्रेन से नहीं जाया जा सकता। यहां कोई स्टेशन नहीं है। न ही यहां के लिए कोई बस सेवा है। अंडमान आप केवल फ्लाइट या फिर जहाज़ से जा सकते हैं। अंडमान के लिए कई फ्लाइट प्रमुख शहरों से उपलब्ध है। अगर आप अंडमान की यात्रा पर जा रहे हैं तो औसतन 4 रातों और उससे अधिक के पैकेज के लिए आपको 9000 रूपए से 50,000 रूपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से खर्च करना पड़ सकता है।

कालिंपोंग

पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग जिले में स्थित कालिंपोंग भी भारत के खूबसूरत जगहों में एक है। यह पहुंचने के लिए
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा बागडोगरा है। यहां से सिलीगुड़ी के लिए 69 किलोमीटर का बस भाड़ा 90 से 100 रु. है। टैक्‍सी का किराया 130 रु. है। रेल मार्ग सबसे नज़दीकी रेलवे स्‍टेशन नई जलपाइगुड़ी जंक्‍शन है। सिलीगुड़ी 70 किलोमीटर से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। यहां से कलिंगपोंग के लिए सरकारी और निजी बसें चलती है। यहां जैंग डोंग पाल्रिफो ब्रोंग (मठ), थोंगसा गोम्पा (भूटानी मठ) यहां के कुछ प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। यहां से कंचनजंघा श्रेणी त‍था तिस्‍ता नदी की घाटी का बहुत सुंदर नजारा दिखता है। बौद्ध धर्म के प्रति यहाँ के लोगो का झुकाव मुख्य आकर्षण है।

ऊटी
दक्षिण भारत का सबसे फेमस हिल स्टेशन है ऊटी जो तमिलनाडु में है और अपने खूबसूरत पहाड़ों के अलावा चाय के बागान और लाल रंग की छत वाले बंगलों के लिए मशहूर है। प्राकृतिक खूबसूरती और हरियाली के लिए दुनियाभर में फेमस ऊटी में सालों भर पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। ऊटी में देश का सबसे पुराना बोटैनिकल गार्डन है जहां आप पेड़ पौधे और फूलों की एक से एक वेराइटी देख सकते हैं। ऊटी का फेमस लेक भी अपनी खूबसूरती की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। इसके अलावा यहां आप टॉय ट्रेन का भी मज़ा ले सकते हैं जिसे नीलगिरी माउंटेन ट्रेन भी कहते हैं। ऊटी का नजदीकी एयरपोर्ट कोयम्बटूर एयरपोर्ट है जो ऊटी से 85 किलोमीटर दूर है। अगर आप ट्रेन से ऊटी जाना चाहते हैं तो 40 किलोमीटर दूर स्थित मेट्टूपलयम ऊटी का नजदीकी रेलवे स्टेशन है। यहां से आप स्टेशन से बाहर निकलकर टैक्सी या कैब के ज़रिए ऊटी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो तमिलनाडु स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस सर्विस के ज़रिए भी ऊटी पहुंच सकते हैं।

लद्दाख
लद्दाख में कई ऐसी जगहें हैं जो आपको अपनी सुंदरता से आश्‍चर्यचकित कर सकती हैं। लद्दाख काफी शांत और सुंदर जगह है। यह करीब 43,000 मीटर की ऊंचाई पर है, जिसकी वजह से इसका तापमान -5 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां पहुंचने का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन जम्मू है जो 690 किमी दूर है। वहीं लेह कुशोक बकुला रिमपोची एयरपोर्ट यहां का मुख्य एयरपोर्ट है। जम्मू से सीधे यहां के लिए बस सुविधा है। घूमने के लिए यहां पैंगोंग झील, लेह महल, मैग्नेटिक हिल, फुग़ताल मठ, शांति स्तूप, लेह मार्केट, रिवर राफ्टिंग, स्टॉक पैलेस, नामग्याल तेस्मो, लेह मस्जिद जैसी जगह हैं।

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